किरावली तहसील के सीकरी चार हिस्सा गांव में कब्रिस्तान की सरकारी जमीन पर अवैध कब्जे और निर्माण को लेकर ग्रामीणों में नाराजगी है। ग्रामीणों ने सोमवार को उपजिलाधिकारी किरावली को एक शिकायती पत्र सौंपा। उन्होंने पुलिस-प्रशासन और राजस्व टीम बनाकर कार्रवाई की मांग की है।
शिकायती पत्र में गांव के लोगों ने बताया कि गाटा संख्या 708 (रकबा 1.192 हेक्टेयर) सरकारी कागजों में कब्रिस्तान के तौर पर दर्ज है। यह जमीन पूर्वजों के समय से कब्रिस्तान के लिए इस्तेमाल हो रही है।
ग्रामीणों का आरोप है कि गांव की कुछ महिलाएं इस कब्रिस्तान की जमीन पर नींव खोदकर अवैध रूप से मकान बना रही हैं। जब ग्रामीणों ने उन्हें रोकने की कोशिश की, तो आरोपी महिलाओं ने गलत भाषा का इस्तेमाल किया। उन्होंने अपने परिवार के लोगों को बुलाकर मारपीट और झूठे मुकदमों में फंसाने की धमकी भी दी।
शिकायतकर्ताओं ने बताया कि साल 2016 में भी इन्हीं लोगों ने कब्रिस्तान की जमीन पर कब्जा करने की कोशिश की थी। उस समय ग्रामीणों की शिकायत पर पुलिस-प्रशासन और राजस्व टीम ने 4 जून 2016 को जेसीबी की मदद से इस जमीन को पूरी तरह कब्जे से मुक्त कराया था।
आरोप है कि कब्जा मुक्त होने के बाद से ये लोग बेदखल थे, लेकिन अब फिर से योजना बनाकर कब्रिस्तान की जमीन पर कब्जा करने की कोशिश कर रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि आरोपी महिलाओं को 2016 में ग्राम पंचायत ने रहने के लिए पट्टे दिए थे। इसके बावजूद उन्होंने वहां कोई निर्माण नहीं कराया और वे लगातार कब्रिस्तान की जमीन पर ही अवैध कब्जे की जिद पर अड़ी हैं।
ग्रामीणों ने डर जताया है कि अगर अवैध निर्माण को तुरंत नहीं रोका गया, तो गांव में कोई बड़ी घटना हो सकती है या शांति भंग हो सकती है। इंतज़ार हुसैन, रफ़ीक हुसैन, कदीर, इरफ़ान, रशीद, अकील जैसे ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि मौके पर राजस्व और पुलिस प्रशासन की मिलकर टीम भेजी जाए। वे चाहते हैं कि अवैध निर्माण को तुरंत रुकवाया जाए और कब्रिस्तान की जमीन को कब्जे से मुक्त कराया जाए।

Updated Video





Subscribe to my channel




