22/12/2025 टी यन न्यूज 24 गुजरात हेड राजेंद्र तिवारी कि खास रिपोर्ट
* गुजरात प्रदेश के अहमदाबाद पुलिस द्वारा निलंबित किए गए हेड कांस्टेबल को तत्काल ड्यूटी पर बहाल करने के निर्णय पर गंभीर विचार आवश्यक*
पुलिसकर्मी गालियाँ सुनने या अपमान सहने के लिए नौकरी नहीं करते। यदि किसी पुलिसकर्मी द्वारा वास्तव में कोई अपराध हुआ हो, तो कानून के अनुसार निष्पक्ष और पूर्ण जाँच होनी चाहिए और उसके बाद ही उचित कार्रवाई की जानी चाहिए। जाँच के बिना एक तरफ़ा निर्णय लेना अनुचित और अन्यायपूर्ण है।
मान लेते हैं कि पुलिस व्यवस्था में खामियाँ हैं, यह भी मान लेते हैं कि कुछ पुलिसकर्मी गलत हो सकते हैं। लेकिन क्या इससे आम नागरिकों को अपने संस्कार भूल जाने का अधिकार मिल जाता है? सड़क पर पुलिस का आईडी कार्ड फेंक देना, गाली देना, खुद को वकील बताकर कानून की धमकी देना—यह किस तरह के नागरिक संस्कार दर्शाता है?
कानून सभी के लिए समान है। पुलिस से गलती हो तो उस पर कार्रवाई होनी चाहिए, लेकिन पुलिसकर्मियों का सार्वजनिक अपमान भी उतना ही गंभीर मुद्दा है। व्यवस्था को सुधारने की आवश्यकता है, तोड़ने की नहीं। एक तरफ़ा वीडियो और सोशल मीडिया पर चलने वाले ट्रायल से न्याय नहीं होता।
संयम, संस्कार और कानून पर विश्वास—यही लोकतंत्र और न्याय का सच्चा मार्ग है। टी यन न्यूज 24 आवाज जुर्मके खिलाफ गुजरात हेड राजेंद्र तिवारी के साथ राजेश देसाई कि खास रिपोर्ट
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