गुजरात हेड राजेंद्र तिवारी कि खास रिपोर्ट
## सूरत के विविंग उद्योग पर आर्थिक संकट के बादल, कमजोर मांग के चलते 20 दिनों के स्वैच्छिक प्रोडक्शन वेकेशन की अपील
**सूरत, गुजरात:** सूरत के कपड़ा बाजार में फाइबर की खरीद कमजोर रहने, ग्रे कपड़े की मांग में अपेक्षित तेजी नहीं आने और यार्न की कीमतों में संभावित गिरावट की आशंका के चलते विविंग उद्योग के सामने आर्थिक संकट की स्थिति उत्पन्न हो रही है। उद्योग में बढ़ते बिना बिके स्टॉक और संभावित आर्थिक नुकसान को देखते हुए सूरत के चार प्रमुख विविंग संगठनों ने सभी विवर्स से आगामी दिनों में 20 दिनों का स्वैच्छिक प्रोडक्शन वेकेशन रखने की अपील की है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, इस वर्ष दिवाली से पहले कपड़ा बाजार में अपेक्षित मांग देखने को नहीं मिली है। सामान्यतः दिवाली के दौरान व्यापार में तेजी आती है, लेकिन इस बार फाइबर की खरीद कमजोर रहने से ग्रे कपड़े के कारोबार पर असर पड़ रहा है। यदि उत्पादन जारी रहने के बावजूद बाजार में मांग नहीं बढ़ती है, तो तैयार माल का स्टॉक बढ़ने और विवर्स की पूंजी फंसने की आशंका है।
इसके अतिरिक्त, दिवाली के दौरान डाइंग-प्रिंटिंग मिलों और प्रोसेस हाउसों में लगभग 10 से 15 दिनों तक कामकाज बंद रहने की संभावना है। इससे कपड़ा उत्पादन और सप्लाई की व्यवस्था भी प्रभावित हो सकती है। यार्न की कीमतों में संभावित गिरावट से पहले ऊंचे भाव पर खरीदे गए माल के कारण विवर्स को नुकसान होने की आशंका भी जताई जा रही है।
### चार प्रमुख संगठनों की संयुक्त अपील
बाजार की वर्तमान परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए एजेंट विवर्स एसोसिएशन, रिपेयर जेकॉर्ड एसोसिएशन, वोटर जेट विवर्स एसोसिएशन और पावरलूम एसोसिएशन ने संयुक्त रूप से विविंग उद्योग से जुड़े कारोबारियों से अपील की है कि वे बाजार की वास्तविक मांग के अनुरूप उत्पादन करें और आगामी 20 दिनों तक स्वैच्छिक प्रोडक्शन वेकेशन रखने पर विचार करें।
संगठनों का उद्देश्य उत्पादन और बाजार की मांग के बीच संतुलन बनाए रखना, बिना बिके माल के स्टॉक को बढ़ने से रोकना तथा उद्योग की पूंजी और कारोबार को संभावित नुकसान से बचाना है।
### उद्योग को नुकसान से बचाने की आवश्यकता
सूरत का विविंग उद्योग लाखों लोगों की आजीविका और शहर की अर्थव्यवस्था से जुड़ा हुआ है। ऐसे में बाजार की कमजोर स्थिति को देखते हुए समय रहते उचित निर्णय लेना आवश्यक है। यदि मांग के मुकाबले उत्पादन अधिक होता है, तो इसका असर विवर्स, व्यापारियों, यार्न कारोबारियों और कपड़ा उद्योग से जुड़े अन्य क्षेत्रों पर भी पड़ सकता है।
इसलिए सभी विवर्स से अपील की गई है कि वे वर्तमान बाजार परिस्थितियों का आकलन करें और उद्योग के व्यापक हित में स्वैच्छिक प्रोडक्शन वेकेशन के निर्णय पर सहयोग करें, ताकि विविंग उद्योग को संभावित आर्थिक नुकसान से बचाया जा सके और बाजार में संतुलन बनाए रखा जा सके।
टी एन न्यूज़ 24 आवाज जुर्म के खिलाफ गुजरात हेड राजेंद्र तिवारी के साथ राजेश देसाई कि खास रिपोर्ट
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