मेरे सपनों का भारत’ में बच्चों ने उकेरी राष्ट्र निर्माण की तस्वीर

अर्जुन रौतेला खंदौली (आगरा)। बेसिक शिक्षा विभाग, आगरा के तत्वावधान में ‘सेवा संकल्प अभियान’ के अंतर्गत कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय, खंदौली में ‘मेरे सपनों का भारत’ विषय पर चित्रकला प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता में छात्राओं ने अपनी कल्पनाशीलता और रचनात्मक प्रतिभा के माध्यम से भारत के उज्ज्वल भविष्य, विकास और राष्ट्र निर्माण की तस्वीरों को कागज पर उकेरा।


कार्यक्रम के मुख्य अतिथि प्रशासक/ब्लॉक प्रमुख खंदौली आशीष शर्मा ने छात्राओं द्वारा बनाए गए चित्रों का अवलोकन कर उनकी रचनात्मकता की सराहना की। उन्होंने प्रतिभागी छात्राओं को प्रमाण पत्र वितरित कर उनका उत्साहवर्धन किया। उन्होंने कहा कि बच्चों की रचनात्मक सोच और सकारात्मक कल्पनाएं ही सशक्त एवं विकसित राष्ट्र की नींव तैयार करती हैं। ऐसे आयोजनों से विद्यार्थियों की प्रतिभा को मंच मिलने के साथ उनमें आत्मविश्वास भी बढ़ता है।


इस अवसर पर खंड शिक्षा अधिकारी अमरनाथ सिंह सहित कार्यालय स्टाफ से प्रदीप परमार, एवलिन मिंज, दुर्गेश मुदगल, राहुल सक्सेना, विवेक माहेश्वरी, चेतन चौहान, मृत्युंजय पाठक व मोहित कुमार मौजूद रहे। विद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाओं में चंद्रकांत, पूजा शाक्य, मंजरी, कोमल सिंह, बलवेन्द्र, विवेक अग्रवाल, कल्पना यादव, ईशा खुराना, मेहरोज खान, खुशबू, सोनल, अनुपमा झा, पूनम वर्मा, उर्वशी, कामिनी, निशा, स्वाती, ज्योति, रूबी, सविता चाहर, प्रतिभा उपाध्याय, कंचन लता, डॉली गर्ग एवं उषा कुमारी सहित अन्य उपस्थित रहे।

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  • अर्जुन रौतेला आगरा

    रंग लाती है हिना पत्थर से पिस जाने के बाद। सुर्ख रूह होता है इंसान ठोकरें खाने के बाद।। मेहंदी का रंग प्राप्त करने के लिए उसको पत्थर पर पिसा जाता है, तब लोग उसकी तरफ आकर्षित होते हैं, ठीक उसी तरह मनुष्य जो जितना "दर्द अथवा कठिन कर्म" करता है, लोग उसी की तरफ आकर्षित होते हैं।

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